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Showing posts from January, 2019

जयंती पर भारत माँ के लाल सुभाष चंद्र बोस को शत-शत नमन, सदैव आपका ऋणी रहेगा भारत

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Ravikan : नेता जी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhash Chandra Bose) एक ऐसे क्रांतीकारी थे, जिन्होंने अपने विचारों से लाखों लोगों को प्रेरित किया था। सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose) ने देश की में बेहद खास योगदान दिया था। नेता जी का जन्म (Subhash Chandra Bose Birthday) 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में हुआ था। सुभाष चंद्र बोस एक संपन्न परिवार से थे। नेता जी बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में तेज थे और देश की आजादी में अपना योगदान देना चाहते थे। 1921 में प्रशासनिक सेवा की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर देश की आजादी की लड़ाई में उतरे सुभाष चंद्र बोस को उनके क्रांतिकारी विचारों के चलते देश के युवा वर्ग का व्यापक समर्थन मिला। जिसके बाद उन्होंने आजाद हिंद फौज (Azad Hind Fauj) का गठन किया। उन्होंने आजाद हिंद फौज में भर्ती होने वाले नौजवानों को ‘‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।” का ओजपूर्ण नारा दिया। सुभाष चंद्र बोस (Subhas Chandra Bose) ने आजाद हिंद फौज के कमांडर की हैसियत से भारत की अस्थायी सरकार बनायी, जिसे जर्मनी, जापान, फिलीपीन्स, कोरिया, चीन, इटली, मान्चुको और आयरलैंड ने मान्यता दी थी। ...

संसद Live: सवर्ण आरक्षण बिल लोकसभा में भारी बहुमत से पास, सिर्फ तीन सांसदों ने किया विरोध

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सवर्ण आरक्षण बिल लोकसभा में पास हो गया है. बिल के पक्ष में 323 वोट पड़े जबकि तीन सदस्‍यों ने इसके विरोध में वोट किया. इसके चलते अब गरीब सवर्णों को सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्‍थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण मिलने का एक रास्‍ता साफ हो गया है. बिल पास होने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे. अब यह बिल राज्‍य सभा में जाएगा. इससे पहले केंद्रीय सामाजिक न्‍याय मंत्री थावरचंद गहलोत ने आर्थिक रूप से पिछड़े समान्य वर्ग के लोगों को शिक्षा और रोजगार में 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए संसोधन बिल लोकसभा में पेश किया. केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंग गहलोत ने यह बिल पेश करते हुए कहा कि अब तक आरक्षण के दायरे से बाहर छूटे समाज के सभी वर्गों को इस कोटे का लाभ मिलेगा. उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार 'सबका साथ और सबका विकास' को लेकर प्रतिबद्ध है और यह बिल इसका एक सबूत है. इस संविधान संशोधन विधेयकर को पारित करने के लिए दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन जरूरी है. ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर मंगलवार को ...

परमाणु बम के बारे में 10 रोचक तथ्य

परमाणु बम एक प्रकार का विस्फोटक हथियार है जो परमाणु विखंडन या संलयन के माध्यम से परमाणु प्रतिक्रियाओं का उपयोग करता है. इस तरह के हथियार भारी मात्रा मे उर्जा छोड़ते हैं और इसीलिए ये विनाश का कारण भी बनता है. सबसे पहले परमाणु बम का प्रयोग द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुआ था. इन हतियारों को काफी विनाशकारी माना जाता है क्योंकि एक ही बम लाखों लोगों को मारने और पूरे शहर को नष्ट करने की क्षमता रखता है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं परमाणु बम के बारे में और कब इसको हिरोशिमा और नागासाकी में गिराया गया था और इसके क्या परिणाम हुए थे, इत्यादि. परमाणु बम के बारे में रोचक तथ्य 1. परमाणु बम में युरेनियम या प्लूटोनियम के परमाणु विखंडन से ऊर्जा उत्पन्न होती है. इसके लिए परमाणु के केंद्रक में न्यूट्रॉन से चोट किया जाता है जिससे बहुत बड़ी मात्रा में उर्जा उत्पन्न होती है. इसी प्रक्रिया को नाभिकीय विखंडन भी कहते हैं. ये हम सब जानते हैं कि परमाणु बम इतना खतरनाक होता है कि अगर कहीं गिरा दिया जाए तो दशकों तक जन-जीवन का निशान नहीं रहेगा और पेड़ पौधे भी उग नहीं पाएंगे. जैसा कि जापान के दो शहर हिरोश...

कैप्टन विजयंत थापर के कैम्प में आ गई कश्मीरी लड़की-उसके बाद कैप्टन ने जो किया वो मिसाल बन गया

New Delhi : यह घटना है 1999 कि जब कैप्टन विजयंत थापर 22 वर्ष के थे एवं 2 राजपूताना राइफल्स में तैनात थे। उनकी यूनिट के नजदीक कश्मीरी लड़की 6 वर्षीया रुकसाना रहती थी जिनके पिता की आतंकियों ने ह’त्या कर दी थी। एक दिन कैम्प से बाहर कैप्टन थापर ड्यूटी के दैरान खाना खा रहे थे तो रुकसाना वहां आ के बैठ गई। कैप्टन थापर ने उसे भी खाना खिलाया और उस से पूछा कि तुम स्कूल क्यों नहीं जाती हो? वहां आस-पास जांच करने पर पता चला कि रुकसाना के परिवार के पास पैसे नहीं हैं और उस के पिता को आतंकियों ने मार दिया है। कैप्टन थापर ने कहा कि रुकसाना की पढ़ाई का सारा खर्च वह खुद उठाएंगे। इसके बाद कारगिल युद्ध शुरू हो गया। कैप्टन थापर ने अपने पिता रिटायर्ड कर्नल वी एन थापर को चिट्ठी लिखी और कहा कि अगर युद्ध में उसे कुछ हो जाता है तो आप स्वयं रुकसाना की पढ़ाई व उसकी देखरेख का खर्च उठाएंगे। कारगिल युद्ध में कैप्टन थापर की यूनिट को तोलोलिंग हिल पर कब्ज़ा करने की ज़िम्मेदारी दी गयी। अभियान के दौरान पहले लक्ष्य “बर्बाद बंकर” पर कैप्टन थापर व उनकी टीम ने कब्ज़ा कर लिया, जब उनकी यूनिट आगे बढ़ने लगी तो दुश्मन की एक गोली कै...