पुलिस के डर से कलाई काट कर जय श्री राम चिल्लाने लगा।
पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद पूरा देश गुस्से में है. सबलोग अपनी-अपनी तरह से गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. और इस गुस्से को जाहिर करने का सबसे आसान ज़रिया बना है फेसबुक और ट्विटर. लेकिन इसी फेसबुक और ट्विटर पर कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद देशविरोधी बयानबाजी करने लगे हैं. लोग इनके खिलाफ भी गुस्सा निकाल रहे हैं और ये गुस्सा भी फेसबुक और ट्विटर पर ही निकल रहा है. इस बीच पुलिस अपना काम कर रही है.
18 जनवरी को भी पुलिस अपना काम करने के लिए मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के पाली में पहुंची थी. पुलिस को 20 साल के एक लड़के मोंटी उर्फ मोहसीन खान को गिरफ्तार करना था. वजह ये था कि उसने फेसबुक पर CRPF जवानों पर हुए हमले को शिकार करने की संज्ञा दी थी और और CRPF के जवानों को शिकार बताया था. उसकी फेसबुक पोस्ट के बाद स्थानीय बजरंग दल के लोगों को गुस्सा आ गया और वो पहुंच गए बरसिंहपुर पाली पुलिस स्टेशन. वो तारीख थी 16 फरवरी. उन्होंने पुलिस से कहा कि मोंटी को गिरफ्तार किया जाए. बजरंग दल के लोग मोंटी के घर भी पहुंच गए, लेकिन तब तक वो घर से फरार हो गया था. लेकिन 18 को जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए पहुंची तो उसने गिरफ्तारी से बचने की पूरी कोशिश की.
पाली पुलिस स्टेशन इंचार्च एके झा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया था कि गिरफ्तारी और भीड़ के गुस्से से बचने के लिए मोंटी ने पहले तो माफी मांगी और फिर हिंदुस्तान जिंदाबाद, जयश्री राम के नारे लगाए. वो इतने पर ही नहीं रुका. जब उसे लगा कि पुलिस उसे गिरफ्तार कर ही लेगी तो उसने रेजर से अपना बायां हाथ काट लिया. हालांकि वो गिरफ्तारी से बच नहीं पाया. पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया. एके झा के मुताबिक मोंटी पांच अलग-अलग नाम से फेसबुक पर था और उसने फेसबुक पर इस्लामिक स्टेटे के अलावा और कई आतंकी ग्रुपों के बारे में जानकारी हासिल की थी. पुलिस ने उसे दंगा भड़काने और दो समुदायों के बीच सद्भाव बिगाड़ने के आरोप में केस दर्ज किया है.
पुलवामा में हुए हमले के बाद असम में भी पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. तिनसुकिया के एसपी शिलादित्य चेतिया के मुताबिक असम के तिनसुकिया में खैरुल आलम, रियाज-उल-हक और सैकुल आलम ने पुलवामा हमले के बाद फेसबुक पर पाकिस्तान जिंदाबाद लिखा था. इसके बाद पुलिस ने उन तीनों के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज कर लिया. वहीं गोलपारा जिले में भी फेसबुक पर आतंकी हमले को वेलडन लिखने पर पुलिस ने शाहनूर इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है. गौहाटी में ऑइकॉन कॉमर्स कॉलेज में इंग्लिश की असिस्टेंट प्रफेसर पापरी बनर्जी के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है. वहीं कॉलेज ने भी पापरी बनर्जी को जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया है.
18 जनवरी को भी पुलिस अपना काम करने के लिए मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के पाली में पहुंची थी. पुलिस को 20 साल के एक लड़के मोंटी उर्फ मोहसीन खान को गिरफ्तार करना था. वजह ये था कि उसने फेसबुक पर CRPF जवानों पर हुए हमले को शिकार करने की संज्ञा दी थी और और CRPF के जवानों को शिकार बताया था. उसकी फेसबुक पोस्ट के बाद स्थानीय बजरंग दल के लोगों को गुस्सा आ गया और वो पहुंच गए बरसिंहपुर पाली पुलिस स्टेशन. वो तारीख थी 16 फरवरी. उन्होंने पुलिस से कहा कि मोंटी को गिरफ्तार किया जाए. बजरंग दल के लोग मोंटी के घर भी पहुंच गए, लेकिन तब तक वो घर से फरार हो गया था. लेकिन 18 को जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए पहुंची तो उसने गिरफ्तारी से बचने की पूरी कोशिश की.
पाली पुलिस स्टेशन इंचार्च एके झा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया था कि गिरफ्तारी और भीड़ के गुस्से से बचने के लिए मोंटी ने पहले तो माफी मांगी और फिर हिंदुस्तान जिंदाबाद, जयश्री राम के नारे लगाए. वो इतने पर ही नहीं रुका. जब उसे लगा कि पुलिस उसे गिरफ्तार कर ही लेगी तो उसने रेजर से अपना बायां हाथ काट लिया. हालांकि वो गिरफ्तारी से बच नहीं पाया. पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया. एके झा के मुताबिक मोंटी पांच अलग-अलग नाम से फेसबुक पर था और उसने फेसबुक पर इस्लामिक स्टेटे के अलावा और कई आतंकी ग्रुपों के बारे में जानकारी हासिल की थी. पुलिस ने उसे दंगा भड़काने और दो समुदायों के बीच सद्भाव बिगाड़ने के आरोप में केस दर्ज किया है.
पुलवामा में हुए हमले के बाद असम में भी पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. तिनसुकिया के एसपी शिलादित्य चेतिया के मुताबिक असम के तिनसुकिया में खैरुल आलम, रियाज-उल-हक और सैकुल आलम ने पुलवामा हमले के बाद फेसबुक पर पाकिस्तान जिंदाबाद लिखा था. इसके बाद पुलिस ने उन तीनों के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज कर लिया. वहीं गोलपारा जिले में भी फेसबुक पर आतंकी हमले को वेलडन लिखने पर पुलिस ने शाहनूर इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है. गौहाटी में ऑइकॉन कॉमर्स कॉलेज में इंग्लिश की असिस्टेंट प्रफेसर पापरी बनर्जी के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है. वहीं कॉलेज ने भी पापरी बनर्जी को जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया है.

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