UP का आदमी अगर MP जा कर CM बन सकता है तो हम दूसरे राज्य में नौकरी क्यों नहीं कर सकते

 कमलनाथ जी हम बिहारी तो किस्मत के मारे हैं जो “देश” सोचते रहे अपने बिहार में आग लगा के | कोई शौक़ से नहीं छोड़ते हम बिहार | आपकी कांग्रेस सरकार ने 42 साल राज किया है बिहार पे और उसको चूसते रहे | प्लानिंग कमीशन से पूछिए क्या किया शुरू किया 40 सालों में बिहार के लिए | केंद्र और बिहार की सरकार ४० सालों तक एक थी | आप सामंतवाद विचारधारा को लेकर बढ़ते रहे और बिहार बर्बाद होता रहा | बस कैसे भी गद्दी पर बने रहना था | लालू को गाली देना आसान है लेकिन कांग्रेस बताए की लालू से पहले कांग्रेस की राजनीति और आर्थिक नीतियों ने बिहार को एक कगार पे लाकर खड़ा कर दिया था | बिहार की बर्बादी के असली गुनहगार आपकी ही पार्टी है | अब बिहारी जब कहीं के नहीं रहे तो आप अपना इतिहास भूल गए ? नेहरू की FES पॉलिसी पढ़िए, किस तरह बर्बाद किया बिहार को | हम तो केंद्र से बहुत मांग नहीं करते थे क्यूंकि सोचते थे की देस के हर हिस्से का विकास हो | पंजाब का भाखरा नंगल हो या हरित क्रान्ति बिहारियों की ही देन है | FES पॉलिसी ने गुजरात और बम्बई के इंडस्ट्री बसा दिए | इधर डालमियानगर बर्बाद होता रहा | हम बिहारी देश के किसी हिस्से में जाकर अपना पेट भर लेते हैं लेकिन कम से कम कोई कांग्रेसी बिहारियों पे ऊँगली ना उठाए | शोभा नहीं देता |
अब हम बिहारियों को समझ आ जाना चाहिए की देश कश्मीर के कुपवाड़ा और द्रास या रामेश्वरम से शुरू नहीं होता है | देश शुरू होता है बक्सर पटना सिवान मधुबनी भागलपुर कटिहार चम्पारण जमुई लोहरदगा गोड्डा बलिया आजमगढ़ गाज़ीपुर इत्यादि के उस ब्लॉक के उस पंचायत के उस गांव के उस गली के उस घर के उस आँगन से जहां हम बड़े हुए थे | लेकिन हम कश्मीर सोचते रहे, हम दिल्ली सोचते रहे, हम अपनी जाति सोचते रहे और चुनते रहे जातियों के नेता | अंत में हुआ क्या ? ना जाति आगे बढ़ी, ना समाज आगे बढ़ा, ना बिहार आगे बढ़ा ना उत्तर प्रदेश आगे बढ़ा | बस बिहारी आगे बढ़ गए, उत्तर प्रदेसी आगे बढ़ गए और पिछे छोड़ गए अपना घर आँगन गली चौक |
आप बिहारी और उत्तर प्रदेश वाले देश का विकास चाहते हैं तो बिहार – उत्तर प्रदेश में अपने मोहल्ले की गली को साफ करिये, भूल जाइये मोदी राहुल केजरीवाल इत्यादि को | अपने गांव मोहल्ले अपने जिला और अपने राज्य का विकास सोचिए | अपनी भाषा सोचिये अपना साहित्य लिखिए अपने गांव में फैक्ट्री लगाइये | 75 साल से आप लोगों को झूठ बताया गया है | अब अपना घर संवारिये नहीं तो बने रहिए बिहारी और भइय्या और गाली सुनते देश के हर हिस्से में |
लेखक : नीतिन नीरा चंद्रा, फिल्म निर्माता

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